दिन 1–2: नए चारे का चौथाई हिस्सा, बाक़ी पहले जैसा। दिन 3–4: आधा। दिन 5–6: तीन-चौथाई। दिन 7: पूरा TMR-E। अचानक बदलने से पेट ख़राब हो सकता है और कुछ दिन दूध घट सकता है। अगर पशु कम खाए, तो उसी मात्रा पर एक दिन और रुकें।
फ़ार्म के सुझाव
छोटी बातें जो बड़ा फ़र्क़ लाती हैं।
दो मिनट में पढ़ें। सुनने के लिए स्पीकर पर टैप करें।
दूध में ज़्यादातर पानी ही होता है। सिर्फ़ खिलाने के समय नहीं, पूरे दिन पशुओं के सामने साफ़ पानी रखें। पानी की हौदी रोज़ साफ़ करें; गंदा पानी पशु कम पीते हैं। गर्मियों में उन्हें बहुत ज़्यादा पानी चाहिए।
रोज़ ज़्यादा TMR-E दें: गर्भ के पहले तिहाई हिस्से में +1 kg, बीच के तिहाई में +2 kg और आख़िरी तिहाई में +3 kg (गाय: महीने 1–3, 4–6, 7–9; भैंस: 1–3, 4–7, 8–10)। वह दूध दे रही हो या सूखी हो, यह एक जैसा है। अपनी चारा योजना में पशु को गाभिन दर्ज करें, तो यह अपने आप जुड़ जाएगा।
सैशे उसके चारे पर छिड़क दें। रोज़ 10 लीटर तक दूध देने वाली गाय: दिन में 1 सैशे। 10 लीटर से ज़्यादा: 2 सैशे, एक सुबह के चारे के साथ और एक शाम को। 4 लीटर तक दूध देने वाली भैंस: 1 सैशे; इससे ज़्यादा: 2।
भेड़-बकरियों को शरीर के वज़न के हिसाब से खिलाया जाता है: मोटा करने वालों को रोज़ 5%, प्रजनन वालों को 3.5% (सिर्फ़ TMR-E देने पर)। हर दो हफ़्ते में 2–3 आम आकार के पशु तौलें और अपनी चारा योजना में वज़न बदलें; जैसे-जैसे वे बढ़ते हैं, उन्हें ज़्यादा चाहिए।
बोरियाँ सूखी, छायादार जगह पर रखें, ज़मीन से ऊपर पैलेट या तख़्तों पर, दीवारों से दूर। खुली बोरी को कसकर बंद करें और लगभग एक हफ़्ते में इस्तेमाल कर लें। खट्टी बदबू वाला या फफूँद लगा चारा कभी न खिलाएँ।
गाय ज़्यादा दूध तब देती है जब उसे पूरा और संतुलित आहार मिले, दिन भर साफ़ पानी मिले, और वह ठंडी और स्वस्थ रहे। उसे उतना खिलाएँ जितना दूध वह देती है, हर गाय को एक जैसा नहीं। कोई पाउडर या इंजेक्शन ख़ाली पेट की कमी पूरी नहीं कर सकता।
1. पूरा आहार दें, और सही आहार दें
बहुत सी गायों को बस कम खिलाया जाता है, या हर गाय को एक जैसा मिलता है, चाहे वह 5 लीटर दे या 15। दूध देने वाली गाय के रोज़ के आहार के दो हिस्से होते हैं:
- रोज़ की ख़ुराक: जिससे उसका शरीर चलता है। भरपूर हरा चारा हो, तो रोज़ लगभग 24–25 kg हरा चारा। सिर्फ़ सूखा चारा हो, तो 8–9 kg सूखा चारा। बिल्कुल चारा न हो, तो 7–8 kg संपूर्ण आहार।
- दूध के लिए: वह जितना दूध दे, हर लीटर पर लगभग 0.8 kg Truemeal TMR-E संपूर्ण आहार, रोज़ की ख़ुराक के ऊपर से। 10 लीटर देने वाली गाय को दूध के लिए लगभग 8 kg चाहिए।
ये मात्राएँ TMR-E की हैं। दूसरे आहार की अपनी मात्रा होती है, इसलिए उसकी बोरी पर जो लिखा है वही मानें।
आहार में संतुलन भी चाहिए: ऊर्जा (अनाज), प्रोटीन (खली), रेशा (चारा) और खनिज। एक चीज़ ज़्यादा और दूसरी कम हो, तो दूध रुक जाता है। संपूर्ण आहार में ये चारों पहले से मिले होते हैं, इसलिए गाय सिर्फ़ अपनी पसंद की चीज़ चुनकर नहीं खा सकती।
मेरी मुफ़्त चारा योजना बनाएँ — यह आपके फ़ार्म की हर गाय का यह हिसाब लगा देती है।
2. साफ़ पानी, दिन भर
दूध में ज़्यादातर पानी ही होता है। जो गाय जब चाहे पानी न पी सके, वह कम दूध देती है। दिन भर उसके सामने साफ़ पानी रखें, नाँद रोज़ साफ़ करें, और गर्मी में ज़्यादा पानी दें। और पढ़ें: साफ़ पानी, हमेशा।
3. आहार धीरे-धीरे बदलें
आहार अचानक बदलने से पेट ख़राब होता है, और कई दिन तक दूध घट सकता है। कोई भी नया आहार एक हफ़्ते में शुरू करें: एक हफ़्ते में धीरे-धीरे TMR पर लाएँ।
4. उसे ठंडा और आराम से रखें
गर्मी से दूध घटता है। गर्मी में छाया और हवा दें, और सबसे गर्म घंटों में गायों पर पानी छिड़कें या उन्हें नहलाएँ। सूखा, साफ़ फ़र्श और लेटने की जगह दें। जो गाय लेटकर जुगाली कर रही है, वह दूध बना रही है।
5. एक ही समय पर दूध निकालें, और पूरा निकालें
हर दिन एक ही समय पर, आराम से दूध निकालें, हो सके तो एक ही आदमी निकाले। पूरा दूध निकालें: थन से आख़िर में निकलने वाले दूध में सबसे ज़्यादा फ़ैट होता है। शोर, मारना या जल्दबाज़ी में दूध निकालना दूध को रोक सकता है।
6. उसकी सेहत पर नज़र रखें
- थन सख़्त, गर्म या सूजा हो, या दूध में थक्के हों: यह थनैला (मस्टाइटिस) हो सकता है। जल्दी अपने पशु डॉक्टर को बुलाएँ।
- पेट के कीड़े और चिचड़ी: जैसा आपके पशु डॉक्टर बताएँ, वैसे कीड़े की दवा दें और इलाज करें।
- टीके, जैसे FMD (खुरपका-मुँहपका): समय पर, जैसा आपके पशु डॉक्टर या पशुपालन विभाग बताए।
- खाना न खाए, बुख़ार हो, या दूध अचानक गिर जाए: अपने पशु डॉक्टर को बुलाएँ।
7. ब्याने से पहले और बाद की देखभाल
पूरे ब्यात में वह कितना दूध देगी, यह बहुत कुछ ब्याने के आस-पास के हफ़्तों पर निर्भर करता है। गाभिन होने पर रोज़ अतिरिक्त आहार दें: महीने 1–3 में +1 kg, महीने 4–6 में +2 kg और महीने 7–9 में +3 kg। पढ़ें: गाभिन गाय या भैंस को कैसे खिलाएँ। ब्याने से पहले उसे सूखा आराम दें; आम तौर पर लगभग दो महीने की सलाह दी जाती है। ब्याने के बाद, जैसे-जैसे दूध बढ़े, उसका आहार धीरे-धीरे बढ़ाएँ। अगर आपकी गायों को पहले मिल्क फ़ीवर हो चुका है, तो अगली बार ब्याने से पहले अपने पशु डॉक्टर से पूछें कि क्या करना है।
8. उसकी हद जानें
हर गाय की एक हद होती है, जो उसकी नस्ल और उम्र से तय होती है। देसी गाय HF गाय जितना दूध नहीं देगी, चाहे उसे कितना भी अच्छा खिलाएँ। अच्छा खिलाने से वह अपनी सबसे अच्छी हद के पास पहुँचती है।
क्या Milk Booster मदद करता है?
Milk Booster एक सैशे है जिसे आप उसके आहार पर छिड़कते हैं: 10 लीटर तक दूध देने वाली गाय को रोज़ 1 सैशे, उससे ज़्यादा पर 2 सैशे। हमारे फ़ार्म ट्रायल में दूध लगभग 7वें दिन से बढ़ना शुरू हुआ। यह अच्छे आहार के ऊपर से काम करता है, उसकी जगह नहीं। Milk Booster देखें।
क्या न करें
दूध बढ़ाने के लिए इंजेक्शन, हॉर्मोन या अनजान बेचने वालों के “दूध बढ़ाने के पाउडर” इस्तेमाल न करें। कुछ क़ानून में मना हैं और गाय को नुक़सान पहुँचा सकते हैं। जब दूध घटे, तो पहले कारण ढूँढें — आहार, पानी, गर्मी या सेहत — और पक्का न हो तो अपने पशु डॉक्टर को बुलाएँ।
भैंस ज़्यादा दूध तब देती है जब उसे रोज़ की ख़ुराक के साथ हर लीटर के लिए अतिरिक्त आहार मिले, भरपूर पानी मिले, और ठंडा रहने का इंतज़ाम हो। भैंस को गाय से ज़्यादा गर्मी लगती है, इसलिए गर्मी में ठंडक उतनी ही ज़रूरी है जितना आहार। गर्मी (हीट) के लक्षण पहचानना और समय पर ब्याना भी ज़रूरी है।
1. उसके दूध के हिसाब से खिलाएँ
भैंस को गाय से हर लीटर पर ज़्यादा आहार चाहिए, क्योंकि भैंस के दूध में फ़ैट और ठोस ज़्यादा होते हैं। उसके रोज़ के आहार के दो हिस्से होते हैं:
- रोज़ की ख़ुराक: भरपूर हरा चारा हो, तो रोज़ लगभग 28–30 kg हरा चारा। सिर्फ़ सूखा चारा हो, तो 9–10 kg सूखा चारा। दोनों थोड़े-थोड़े हों, तो लगभग 14–15 kg हरा और 4–5 kg सूखा। बिल्कुल चारा न हो, तो 8–9 kg संपूर्ण आहार।
- दूध के लिए: वह जितना दूध दे, हर लीटर पर लगभग 1.25 kg Truemeal TMR-E संपूर्ण आहार, रोज़ की ख़ुराक के ऊपर से।
उदाहरण: 6 लीटर दूध देने वाली भैंस, जिसके पास थोड़ा हरा और थोड़ा सूखा चारा है, उसे रोज़ की ख़ुराक के लिए लगभग 14–15 kg हरा और 4–5 kg सूखा चारा चाहिए, और दूध के लिए लगभग 7.5 kg TMR-E (6 × 1.25)।
ये मात्राएँ TMR-E की हैं। दूसरे आहार की अपनी मात्रा होती है, इसलिए उसकी बोरी पर जो लिखा है वही मानें। आप कुछ भी खिलाएँ, उसमें ऊर्जा, प्रोटीन, रेशा और खनिज संतुलन में होने चाहिए। घर पर मिलाया दाना हर दिन बदलता है; संपूर्ण आहार हर कौर में एक जैसा होता है।
मेरी मुफ़्त चारा योजना बनाएँ — अपनी भैंसें और अपना चारा बताइए, यह रोज़ के kg, महीने की बोरियाँ और ख़र्च का हिसाब लगा देगी।
2. पानी और ठंडक
भैंस की खाल काली होती है और पसीने की ग्रंथियाँ कम होती हैं, इसलिए उसे जल्दी गर्मी लगती है। गर्मी से परेशान भैंस कम खाती है और कम दूध देती है। गर्मी में:
- उसे साफ़ पानी में लोटने दें, या गर्म घंटों में दो-तीन बार उस पर पानी डालें या नहलाएँ।
- छत या पेड़ की छाया दें, जहाँ हवा चलती हो।
- दिन भर उसके सामने साफ़, ठंडा पानी रखें।
- ठंडी सुबह और शाम को ज़्यादा खिलाएँ।
3. आहार धीरे-धीरे बदलें
कोई भी आहार एक हफ़्ते में बदलें, हर दिन नया आहार थोड़ा ज़्यादा। अचानक बदलने से पेट ख़राब हो सकता है और दूध घट सकता है। पढ़ें: एक हफ़्ते में धीरे-धीरे TMR पर लाएँ।
4. आराम से, समय पर दूध निकालें
हर दिन एक ही समय पर दूध निकालें, हो सके तो एक ही आदमी निकाले। बहुत सी भैंसें अपने बच्चे के पास होने पर बेहतर दूध उतारती हैं। पूरा दूध निकालें: आख़िरी दूध में सबसे ज़्यादा फ़ैट होता है।
5. गर्मी (हीट) पर नज़र रखें, और समय पर गाभिन कराएँ
भैंस अक्सर चुपचाप गर्मी में आती है, कभी-कभी सिर्फ़ रात में या सुबह-सुबह। अगर आप चूक गए, तो कई महीने बिना दूध और बिना बच्चे के निकल जाते हैं। उस पर ध्यान से नज़र रखें, तारीख़ें लिखकर रखें, और ब्याने के बाद वह गर्मी में न आए तो अपने पशु डॉक्टर या AI (कृत्रिम गर्भाधान) कर्मचारी से पूछें।
6. गाभिन होने पर आहार
रोज़ अतिरिक्त आहार दें: महीने 1–3 में +1 kg, महीने 4–7 में +2 kg और महीने 8–10 में +3 kg। दूध दे रही हो या सूखी, यह एक जैसा है। पढ़ें: गाभिन गाय या भैंस को कैसे खिलाएँ।
7. सेहत
- थन सख़्त, गर्म या सूजा हो, या दूध में थक्के हों: जल्दी अपने पशु डॉक्टर को बुलाएँ।
- बच्चों और बड़ी भैंसों को कीड़े की दवा, जैसा आपके पशु डॉक्टर बताएँ।
- टीके, जैसे FMD (खुरपका-मुँहपका) और HS (गलघोंटू), समय पर, जैसा आपके पशु डॉक्टर बताएँ।
- खाना न खाए, बुख़ार हो, या दूध अचानक गिर जाए: अपने पशु डॉक्टर को बुलाएँ।
क्या Milk Booster मदद करता है?
Milk Booster एक सैशे है जो उसके आहार पर छिड़का जाता है: 4 लीटर तक दूध देने वाली भैंस को रोज़ 1 सैशे, उससे ज़्यादा पर 2 सैशे। यह अच्छे आहार के ऊपर से काम करता है, उसकी जगह नहीं। Milk Booster देखें।
क्या न करें
दूध बढ़ाने के लिए अनजान बेचने वालों के इंजेक्शन या पाउडर इस्तेमाल न करें। कुछ क़ानून में मना हैं और उसे नुक़सान पहुँचा सकते हैं। हर भैंस की एक हद होती है, जो नस्ल और उम्र से तय होती है; अच्छी तरह खिलाई गई देसी भैंस अपनी सबसे अच्छी हद के पास पहुँचती है, पर अच्छी मुर्रा जितना दूध नहीं देगी। भैंस के फ़ैट के लिए पढ़ें: दूध में फ़ैट और SNF कैसे बढ़ाएँ।
दूध का फ़ैट तब बढ़ता है जब पशु को चारे से पूरा रेशा मिले और दूध पूरा निकाला जाए। SNF तब बढ़ता है जब उसे पूरी ऊर्जा और प्रोटीन मिले और वह स्वस्थ रहे। दूध में मिलाने वाला कोई सुरक्षित पाउडर नहीं है। अच्छा फ़ैट और SNF आहार, पशु की सेहत और दूध निकालने के तरीक़े से आता है।
फ़ैट और SNF क्या हैं?
फ़ैट दूध की मलाई है। SNF का मतलब है “सॉलिड्स-नॉट-फ़ैट” (फ़ैट के अलावा ठोस): दूध का प्रोटीन, दूध की शक्कर और खनिज। ज़्यादातर डेयरी दोनों की जाँच करती हैं और उन्हीं के हिसाब से पैसे देती हैं, इसलिए फ़ैट या SNF थोड़ा भी बढ़े तो हर लीटर का दाम बढ़ सकता है। अपनी डेयरी का रेट चार्ट देखें कि हर पॉइंट कितने का है।
फ़ैट कम क्यों होता है
- चारा बहुत कम। फ़ैट हरे और सूखे चारे के रेशे से बनता है। आहार में अनाज या दाना बहुत ज़्यादा और चारा बहुत कम हो, तो फ़ैट कम आता है।
- एक बार में बहुत ज़्यादा अनाज। अनाज की बड़ी ख़ुराक पेट बिगाड़ती है और फ़ैट घटाती है। दिन का आहार दो-तीन बार में दें।
- दूध पूरा न निकालना। थन से आख़िर में निकलने वाले दूध में सबसे ज़्यादा फ़ैट होता है। जल्दी रुकने से वह थन में रह जाता है।
- सबसे ज़्यादा दूध का समय। गाय जब सबसे ज़्यादा दूध देती है, तब आम तौर पर फ़ैट सबसे कम होता है, और ब्यात के आख़िर में बढ़ता है।
- गर्मी। गर्म मौसम में पशु कम चारा खाते हैं, और फ़ैट गिर जाता है।
- नस्ल। HF गायें आम तौर पर जर्सी, देसी गायों या भैंसों से कम फ़ैट देती हैं।
SNF कम क्यों होता है
- जितना दूध देती है उसके हिसाब से कम आहार, ख़ासकर ऊर्जा और प्रोटीन। यह ब्यात की शुरुआत में आम है, जब दूध उसके खाने से तेज़ बढ़ता है।
- थन का इन्फ़ेक्शन (थनैला), तब भी जब दिखाई न दे। आपके पशु डॉक्टर दूध की जाँच कर सकते हैं।
- गर्मी की परेशानी और कई घंटे बिना पानी के।
- दूध में पानी मिलाने से SNF तुरंत गिरता है, और डेयरी इसकी जाँच करती है।
क्या करें
- रोज़ चारा खिलाएँ, और जितना दूध देती है उसके हिसाब से आहार दें। गाय: रोज़ की ख़ुराक के ऊपर हर लीटर पर लगभग 0.8 kg Truemeal TMR-E संपूर्ण आहार। भैंस: हर लीटर पर लगभग 1.25 kg।
- आहार संतुलित रखें: ऊर्जा, प्रोटीन, रेशा और खनिज साथ में। TMR-E में रेशा (NDF) कम से कम 35% और प्रोटीन कम से कम 16% है, हर कौर में एक जैसा मिला हुआ।
- आहार धीरे-धीरे, एक हफ़्ते में बदलें: एक हफ़्ते में धीरे-धीरे TMR पर लाएँ।
- एक ही समय पर, आराम से दूध निकालें, और पूरा निकालें।
- पशुओं को ठंडा रखें और दिन भर साफ़ पानी दें।
- हर बार दूध निकालते समय थन देखें। थक्के, सूजन या गर्माहट दिखे तो अपने पशु डॉक्टर को बुलाएँ।
अपनी डेयरी की पर्चियाँ रखें
हर हफ़्ते अपनी डेयरी की पर्ची से फ़ैट और SNF लिख लें। आहार बदलें, तो फ़ैसला करने से पहले तीन-चार हफ़्ते दें। एक बार में एक ही चीज़ बदलें, ताकि पता चले कि किससे फ़ायदा हुआ।
क्या नतीजे मिल सकते हैं?
हमारे अपने फ़ार्म रिकॉर्ड में, TMR-E खिलाने वाले किसानों ने दूध में 10% तक ज़्यादा ठोस (फ़ैट + SNF) देखे। नतीजे पशु, चारे और देखभाल के हिसाब से अलग होते हैं। ज़्यादा दूध के लिए Milk Booster अच्छे आहार के ऊपर से दिया जा सकता है; यह चारे या आहार की जगह नहीं लेता। Milk Booster देखें।
दूध में कभी कुछ न मिलाएँ
आपको “दूध का फ़ैट बढ़ाने वाले” केमिकल और पाउडर बिकते दिखेंगे। दूध में कुछ भी मिलाना मिलावट है। यह क़ानून के ख़िलाफ़ है, लोगों को बीमार कर सकता है, और डेयरी की जाँच में पकड़ा जा सकता है। फ़ैट और SNF सिर्फ़ आहार, सेहत और सही तरीक़े से दूध निकालकर ही बढ़ाएँ।
मेरी मुफ़्त चारा योजना बनाएँ — यह बताती है कि हर पशु को कितना खिलाना है, और हर लीटर दूध पर आहार का कितना ख़र्च है।
बकरी और भेड़ का वज़न तब बढ़ता है जब वे अपने शरीर के वज़न के हिसाब से पूरा और संतुलित आहार खाएँ, साफ़ पानी पिएँ और उनके पेट में कीड़े न हों। मोटा करने के लिए, अकेले Truemeal TMR-E संपूर्ण आहार दें तो रोज़ शरीर के वज़न का 5%, या 6% हरे चारे के साथ 3%। हर दो हफ़्ते में कुछ पशुओं का वज़न करें और जैसे-जैसे वे बढ़ें, आहार बढ़ाएँ।
कितना खिलाएँ
भेड़-बकरी को अंदाज़े से नहीं, शरीर के वज़न के हिसाब से खिलाया जाता है।
- मोटा करने के लिए, सिर्फ़ संपूर्ण आहार: रोज़ शरीर के वज़न का 5%। 20 kg की बकरी रोज़ लगभग 1 kg खाती है।
- मोटा करने के लिए, हरे चारे के साथ: 3% संपूर्ण आहार और 6% हरा चारा। 20 kg की बकरी लगभग 0.6 kg आहार और 1.2 kg हरा चारा खाती है।
- प्रजनन वाले पशु, सिर्फ़ संपूर्ण आहार: रोज़ शरीर के वज़न का 3.5%।
- प्रजनन वाले पशु, हरे चारे के साथ: 2% संपूर्ण आहार और 6% हरा चारा।
ये मात्राएँ Truemeal के संपूर्ण आहार की हैं। दूसरे आहार की अपनी मात्रा होती है, इसलिए उसकी बोरी पर जो लिखा है वही मानें।
उदाहरण: मोटा करने के लिए 25 kg के 10 मेमने सिर्फ़ संपूर्ण आहार पर रोज़ लगभग 12.5 kg खाते हैं। यानी महीने में 25 kg की लगभग 15 बोरी।
मेरी मुफ़्त चारा योजना बनाएँ — अपना रेवड़ और उनका वज़न बताइए, यह रोज़ के kg, महीने की बोरियाँ और ख़र्च का हिसाब लगा देगी।
वज़न करें, अंदाज़ा नहीं
हर दो हफ़्ते में 2–3 आम पशुओं का वज़न करें। जैसे-जैसे वे बढ़ते हैं, उन्हें ज़्यादा आहार चाहिए। अपनी चारा योजना में वज़न बदलें, वह मात्रा बदल देगी। पढ़ें: कुछ का वज़न करें, सबको सही खिलाएँ।
मोटा करना शुरू करने से पहले
- पहले पशुओं को कीड़े की दवा दें, जैसा आपके पशु डॉक्टर बताएँ। पेट के कीड़े वही आहार खा जाते हैं जिसके आप पैसे देते हैं।
- समय पर टीके लगवाएँ, जैसे PPR (बकरी प्लेग) और एंटरोटॉक्सीमिया (फड़किया) के, जैसा आपके पशु डॉक्टर या पशुपालन विभाग बताए।
- जवान, स्वस्थ, फुर्तीले पशु चुनें। बीमार या बहुत बूढ़ा पशु ठीक से नहीं बढ़ेगा, चाहे जो भी खिलाएँ।
- नए पशुओं को रेवड़ में मिलाने से पहले दो-एक हफ़्ते अलग रखें।
धीरे-धीरे शुरू करें
नए आहार की पूरी ख़ुराक पहले ही दिन न दें। एक साथ बहुत ज़्यादा भारी आहार से अफारा या पेट में खटास हो सकती है, जिससे भेड़-बकरी मर सकती हैं। नए आहार पर एक हफ़्ते में लाएँ, हर दिन थोड़ा ज़्यादा: एक हफ़्ते में धीरे-धीरे TMR पर लाएँ। दिन का आहार दो-तीन बार में दें।
पानी, छाया और जगह
- हमेशा साफ़ पानी, और गर्मी में ज़्यादा। जो पशु कम पानी पीता है, वह कम खाता है।
- छाया और सूखा, साफ़ बाड़ा। गीले फ़र्श से खुर की बीमारी होती है।
- उन्हें ठूँसकर न रखें। कमज़ोर पशु धक्के खाकर आहार से दूर रह जाते हैं। नाँद में इतनी जगह दें कि सब एक साथ खा सकें।
बाज़ार के हिसाब से योजना बनाएँ
बहुत से किसान बकरीद, संक्रांति या दशहरा जैसे त्योहारों के बाज़ार के लिए मोटा करते हैं, जब दाम ज़्यादा होते हैं। तारीख़ से पीछे गिनें: तय करें कि कितने हफ़्ते खिलाना है, और समय पर आहार ख़रीद लें।
क्या नतीजे मिल सकते हैं?
हमारे अपने फ़ार्म रिकॉर्ड में, TMR-E पर भेड़-बकरियों का कुल वज़न 6 kg तक बढ़ा। नतीजे नस्ल, उम्र, चारे और देखभाल के हिसाब से अलग होते हैं।
पशु डॉक्टर को कब बुलाएँ
जो पशु खाना छोड़ दे, जिसका पेट फूला हो, दस्त हों, खाँसी हो या तेज़ बुख़ार हो, उसे ज़्यादा आहार नहीं, अपने पशु डॉक्टर की ज़रूरत है। अनजान बेचने वालों के वज़न बढ़ाने वाले टॉनिक या इंजेक्शन इस्तेमाल न करें।
TMR-E ऑर्डर करें या कहाँ से ख़रीदें पर अपने पास की दुकान ढूँढें।
दूध के लिए सबसे अच्छा पशु आहार वह है जो आपके पैसे में सबसे ज़्यादा दूध दिलाए और आपके पशु स्वस्थ रहें। आहार को बोरी के दाम से नहीं, बल्कि हर लीटर दूध पर लगने वाले ख़र्च से परखें। बोरी पढ़ें, देखें कि आहार हर बार एक जैसा है, और फ़ैसला करने से पहले उसे ठीक से आज़माएँ।
1. बोरी पढ़ें
अच्छी बोरी बताती है कि आप क्या ख़रीद रहे हैं। देखें:
- बनाने वाली कंपनी का नाम और पता।
- आहार का लाइसेंस नंबर या क्वालिटी मार्क।
- बैच नंबर और बनने की तारीख़, और कब तक इस्तेमाल करें।
- शुद्ध वज़न और MRP।
- इसमें क्या है: कम से कम प्रोटीन, फ़ैट, रेशा और नमी, और हो सके तो ऊर्जा, कैल्शियम और फ़ॉस्फ़ोरस।
- खिलाने के साफ़ निर्देश: रोज़ कितना, किस पशु को।
अगर बोरी पर न लिखा हो कि इसमें क्या है या किसने बनाया, तो ख़रीदने से पहले पूछें क्यों।
2. संतुलन देखें, सिर्फ़ एक बड़ा नंबर नहीं
सिर्फ़ ज़्यादा प्रोटीन का नंबर किसी आहार को अच्छा नहीं बनाता। दूध देने वाले पशु को ऊर्जा (अनाज), प्रोटीन (खली), रेशा (चारा) और खनिज साथ में चाहिए। रेशा कम हो तो दूध का फ़ैट घटता है। ऊर्जा कम हो तो दूध और SNF घटते हैं। अपने पशु डॉक्टर या पोषण सलाहकार से पूछें कि यह आहार आपके पास के चारे के साथ ठीक है या नहीं।
3. हर लीटर दूध पर ख़र्च गिनें
सस्ती बोरी महँगी पड़ सकती है अगर उसे ज़्यादा खिलाना पड़े, या दूध घट जाए। महँगी बोरी सस्ती पड़ सकती है अगर हर लीटर कम में पड़े। ऐसे हिसाब लगाएँ:
- रोज़ आप जितने kg आहार देते हैं, और प्रति kg दाम, लिख लें।
- गुणा करें: यह आपका रोज़ का आहार ख़र्च है।
- उस दिन जितने लीटर दूध बेचा, उससे भाग दें।
- जो जवाब आए, वह हर लीटर पर आपका आहार ख़र्च है। अलग-अलग आहारों में यही नंबर मिलाएँ।
बराबर चीज़ों की ही तुलना करें। बोरियाँ 25, 50 या 70 kg की आती हैं, इसलिए प्रति kg दाम मिलाएँ। संपूर्ण आहार (जिसे TMR पशु आहार भी कहते हैं) में चारा और थोड़ी नमी पहले से मिली होती है, और यह उस चारे का कुछ हिस्सा बचा देता है जो आप ख़रीदते। दाना (कंसन्ट्रेट) ऐसा नहीं करता। इसलिए सिर्फ़ एक बोरी को दूसरी से नहीं, पूरे दिन के खिलाने के ख़र्च को मिलाएँ।
मेरी मुफ़्त चारा योजना बनाएँ — यह हर लीटर दूध पर आपका आहार ख़र्च दिखाती है।
4. हर बार एक जैसा
पशु तब सबसे अच्छा करते हैं जब उनका आहार न बदले। बेचने वाले से पूछें कि आहार की जाँच कैसे और कितनी बार होती है। जिस आहार की गंध, रंग या छूने का एहसास एक बोरी से दूसरी में अलग हो, वह ख़तरे का निशान है।
5. ताज़ा माल
- बनने की तारीख़ देखें। जितना ताज़ा, उतना अच्छा।
- फटी, गीली, ढेलेदार, या खट्टी या फफूँद की गंध वाली बोरियाँ न ख़रीदें।
- देखें कि दुकान बोरियाँ कैसे रखती है: सूखी जगह, छाया में, ज़मीन से ऊपर।
- घर पर भी बोरियाँ ऐसे ही रखें। पढ़ें: अपनी बोरियाँ ताज़ी रखें।
6. माल मिलना और मदद
आहार तभी काम का है जब वह आपको हर हफ़्ते, सही दाम पर, पास में मिले। डिलीवरी, सबसे पास के डीलर, और खिलाने का सवाल हो तो किसे फ़ोन करें, यह पूछें।
7. ठीक से आज़माएँ
- धीरे-धीरे, एक हफ़्ते में बदलें: एक हफ़्ते में धीरे-धीरे TMR पर लाएँ।
- फ़ैसला करने से पहले तीन-चार हफ़्ते खिलाएँ।
- नोट रखें: रोज़ कितने लीटर, डेयरी की पर्ची से फ़ैट और SNF, पशु कितना अच्छा खाते हैं और उनकी शरीर की हालत।
- एक बार में एक ही चीज़ बदलें, ताकि पता चले कि फ़र्क़ किससे आया।
Truemeal कहाँ आता है
Truemeal TMR-E गाय, भैंस, भेड़ और बकरी के लिए 25 kg बोरी में संपूर्ण आहार है। इसकी पोषण तालिका और खिलाने के निर्देश TMR-E पेज पर हैं। इस पर भी वही जाँच-सूची लगाएँ जो किसी दूसरे आहार पर लगाते हैं।
कोई सवाल जिसका जवाब यहाँ नहीं मिला?